In quest of Truth, a mind free of
prejudices, a heart full of compassion
and a soul that chimes in
rhythm with mother nature
.

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#Pataudi #Tiger #Indian #Cricket #Gavaskar #Vishwanath #Australia #Sobers #Bradman #RanjiTrophy #Rafi Sahab #Chappel

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How Mohammed Rafi’s Playback Is the Greatest Payback to Naushad’s Mentorship

With Rafi as a common denominator, the duo delivered some of the greatest hits that defined Film Music’s Golden Era…
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  • Simply Divine

    In the golden era of 1960s, when melody was king, Sadhana’s ethereal beauty lent meaning to many a great song because the lyrics literally symbolised her mesmerising demeanour…

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people’s choice


Yadon Ka Karvan (Hindi Book)

Yadon Ka Karvan (Hindi)

शोहरत की चकाचौंध से परे, फिल्मों के लोकप्रिय सितारे कैसे हँसते और सिसकते हैं, ऐसे अनछुए-अनजाने प्रसंगों का सफर है दीपक महान की “यादों का कारवाँ“।

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कृष्ण जन्माष्टमी विशेष

  • आनंद और आध्यात्मिकता के प्रतीक : कृष्ण

    आनंद और आध्यात्मिकता के प्रतीक : कृष्ण

    जीवन के किसी भी पहलू का ज़िक्र कीजिये, कृष्ण का व्यक्तित्व उसमें समाहित और संपूर्ण मिलेगा। यूँ तो दुनिया में करोड़ो अदभुत लोग हुए हैं पर ये कहना गलत ना होगा कि कृष्ण का व्यक्तित्व सब से सरस, सरल और निर्मल होते हुए भी सब से विराट है। जीवन के हर अध्याय पर कृष्ण की […]

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IPL 2022 Mega Preview: Predictions, squads and analysis

Perspectives


  • Remembering the one and only Nehru

    There is a child in me that misses Nehru Chacha! I saw Pandit Jawaharlal Nehru, the first Prime Minister of India, way back in the early 1960s from the shoulders of my father. The memory of that evening as he spoke to thousands from the canopy of Jaipur Museum is still vivid in my mind […]

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Movie Magic


  • Aadmi (1968)

    Starring Dilip Kumar, Waheeda Rehman, Manoj Kumar, Simi Grewal, and Pran An earlier feature from my columns in Memory of the Great Thespian of Indian Cinema: Dilip Kumar Love triangles have dominated human lives since time immemorial and obviously, Hindi films have been no exception. But “Aadmi” (1968) is perhaps one of the few films […]

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Musings


  • True Wealth

    I am sometimes amazed at people’s desperate attempts to gain riches, power and fame at any cost. While there is nothing wrong with making money, acquiring power or seeking recognition, what galls me is the overriding effort to attain them at the cost of health, happiness, freedom and personal relationships. And I wonder if material […]

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टिप्पणी


  • रिश्तों का बाज़ारीकरण

    क्या अजीब समय आया है कि इंसानी भावनाओं से ले कर इंसानी रिश्तों तक, हर चीज़ बिकाऊ हो गयी है. यूँ तो पूरा संसार ही आज एक बड़े से बाज़ार में तब्दील हो गया है पर युग परिवर्तन का खेल देखिये, मंडी में रखी सब्ज़ी-तरकारी की तरह, आजकल मानवीय संवेदनाओं का भी भौंडा प्रदर्शन किया जाता है. […]

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Personality

  • माफ़ करना भगत सिंह, हम तेरे हत्यारे हैं

    शादी ना करने की ऐसी अद्भुत दलील, शायद एक बिरला इंसान ही अपनी माँ से कर सकता था और बेशक भगत सिंह इतिहास में अपने तरीके का अनोखा व्यक्तित्व था – निडर, सत्यव्रत, कर्तव्य निष्ठ, निष्काम कर्मयोगी। एक ऐसा योद्धा था जिसका कोई सानी नहीं था और आज 91 साल बाद भी उसकी तरह का […]

  • जन्मदिन विशेष सस्नेह 

    संसार के अनमोल रत्न: रफ़ी साहब  ये तो सर्वविदित है कि स्वर्गीय मोहम्मद रफ़ी के चाहने वालों की फेहरिस्त बहुत लंबी है पर जिस तरह करोड़ों लोग आज भी गायिकी के बादशाह के प्रति प्रेम और सम्मान दर्शाते हैं, वो एक चमत्कार सा लगता है। ये इसलिये क्यूंकि आज जब नामचीन सितारों और नेताओं के लिए […]

  • Remembering the one and only Nehru

    There is a child in me that misses Nehru Chacha! I saw Pandit Jawaharlal Nehru, the first Prime Minister of India, way back in the early 1960s from the shoulders of my father. The memory of that evening as he spoke to thousands from the canopy of Jaipur Museum is still vivid in my mind […]

  • सागर सरहदी : बाज़ार से लड़ता सिपाही

    प्रसिद्ध पटकथा और संवाद लेखक सागर सरहदी उन बिरले लोगों में से थे जिन्होनें कभी भी अपनी प्रसिद्धी और पुरुस्कारों को अपने व्यक्तित्व पे हावी नहीं होने दिया और ना ही कभी बाज़ार की ताकतों के आगे झुक कर, अपनी कलम को शर्मिंदा किया. यही वजह है कि तमाम कलाओं के व्यावसायिकरण के बावजूद, “नूरी”, […]

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