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  1. बहुत सुंदर लिखा आपने। मोहम्मद रफी साहब के लिए संगीत एक तरह की पूजा रही जिसे उन्होंने पूरी पवित्रता से किया। मेरे महबूब का शीर्षक गीत उन्होंने जिस तल्लीनता से गाया उसके लिए शब्द नही है बस आंखें बंद करके सुनने का मन करता है

  2. बहुत सुंदर लिखा आपने। मोहम्मद रफी साहब के लिए संगीत एक तरह की पूजा रही जिसे उन्होंने पूरी पवित्रता से किया। मेरे महबूब का शीर्षक गीत उन्होंने जिस तल्लीनता से गाया उसके लिए शब्द नही है बस आंखें बंद करके सुनने का मन करता है।

    1. आपकी तारीफ़ के लिए तहे दिल से शुक्रिया. पहले जवाब न दे सका कुछ तकनीकी कारणों से, उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ.

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